घोर नक्सल प्रभावित जिले बीजापुर में एक चौकाने वाली खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़ के बीजापुर में एक मां ने सिर्फ 24 हफ्ते में बच्ची को जन्म दिया है। आमतौर पर बच्चे गर्भधारण के 36 वें से 40 वें हफ्ते में जन्म लेते हैं। तब तक उनके हर अंग का विकास हो चुका होता है। मगर इस बच्ची को जन्म के तुरंत बाद निमोनिया हो गया। फेफड़े पूरी तरह विकसित नहीं हुए थे तो सांस लेने में तकलीफ हो रही थी, तो वेंटीलेटर पर थी। हार्ट में छेद है, जिसे दवाओं से भरा जा रहा है।
यह अद्भुत मामला अंतर्गत भैरमगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का है। बीते 5 अप्रैल 2020 को महज 24 हफ्ते में 440 ग्राम वजन के साथ जन्मी बेबी ऑफ राजेश्वरी (मां का नाम) अब पूरी तरह से स्वस्थ हो चुकी है। उसके शारीरिक विकास को देखकर डॉक्टर भी दंग हैं, हालांकि इसके पीछे डॉक्टरों की ही मेहनत है, क्योंकि इससे पहले देश में कभी इतने कम दिनों में जन्मा कोई भी बच्चा जीवित नहीं बच सका है। 75 दिन तक भैरमगढ़ सीएचसी में एम्स रायपुर और यूनिसेफ के डॉक्टरों की निगरानी में चल रहे इलाज के बाद उसे छुट्टी दे गई। अब उसका वजन 1430 ग्राम है। डॉक्टर इसे मेडिकल साइंस में नया चमत्कार है और नया कीर्तिमान मान रहे हैं। डॉक्टरों ने इस बच्ची को ‘मिरेकल बेबी’ (चमत्कारी बच्चा) नाम दिया है।
बीजापुर सीएमएचओ ने कहा कि दुरस्थ क्षेत्रों में भी इलाज की संपूर्ण सुविधा है और काबिल डॉक्टर हैं। बच्ची का जीवित बचना इसका प्रमाण है। वहीं एम्स के शिशुरोग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अतुल जिंदल का कहना है कि बच्ची करीब-करीब सभी रोगों से मुक्त हो चुकी है। हम उस पर निगरानी रखे हुए हैं।










