जब यह पता चल जाए कि दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) का उत्पादन देश में होने जा रहा है तो यह जानने की इच्छा तो होगी ही ना कि आखिर हमारे देश के किस शहर में सबसे पहले लोगों को इसका टीका लगेगा…
यह जानकारी हम आपको दे चुके हैं कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा तैयार की गई वैक्सीन का उत्पादन भारत स्थित सीरम इंस्टिट्यूट में किया जाएगा। सीरम इंस्टिट्यूट से अमेरिका की फर्मा कंपनी आस्ट्राजेनेका की साझेदारी हुई है। दरअसल, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी को कोरोना की वैक्सीन विकसित करने में आस्ट्राजेनेका कंपनी का ही सहयोग रहा है।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन का बड़े स्तर पर उत्पादन करनेवाला सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (SII)पुणे में स्थित है। जानकारी के अनुसार, आस्ट्राजेनेका ने सीरम इंस्टिट्यूट से अगस्त के अंतिम सप्ताह तक 1 करोड़ वैक्सीन तैयार करके देने की बात कही थी। लेकिन सीरम इंस्टिट्यूट इससे कहीं आगे की प्लानिंग करते हुए, अगस्त के अंतिम सप्ताह तक 2 से 3 करोड़ वैक्सीन्स बनाने की तैयारी में है।
क्या है वैक्सीन का नाम?
आपको याद दिला दें कि कोविड-19 को रोकने के लिए ऑक्सफोर्ड द्वारा तैयार की जा रही वैक्सीन का नाम ChAdOx1 nCoV-19 है। भारत में इसे कोविडशील्ड (covid shield) के नाम दिया गया है। क्योंकि यह वैक्सीन अमेरिका में तैयार की गई है और वहां रहनेवाले लोगों पर ही इसका ह्यूमन ट्रायल हुआ है। इसलिए भारत में रहनेवाले लोगों पर यह वैक्सीन उतनी ही प्रभावी है या नहीं, यह जांचने के लिए यहां के स्थानीय लोगों पर भी इसका परीक्षण जरूरी है। इसके लिए भारत के औषध महानियंत्रक (डीसीजीआई) से अनुमति मांगी है।
जानकारी के अनुसार, भारत में वैक्सीन तैयार होने के बाद ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा तैयार की गई कोविडशील्ड (covid shield) वैक्सीन हमारे देश में सबसे पहले पुणें और मुंबई में रहनेवाले लोगों को लग सकती है। सीरम इंस्टिट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला के अनुसार, वैक्सीन के दूसरे-तीसरे ह्यूमन ट्रायल के दौरान पुणे और मुंबई में रहनेवाले 4 से 5 हजार लोगों को कोविड-19 की यह वैक्सीन अगस्त तक लगाई जा सकती है। इन दोनों ही शहरों में कुछ खास हॉटस्पॉट्स को चिह्नित किया गया है।










