कोरोना वायरस से पूरी दुनिया परेशान है। इस परेशानी का एक ही हल है वैक्सीन। इस वक्त दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में कोरोना वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है। भारत की भूमिका इसमें बेहद अहम है। दुनिया को कोरोना से निजात दिलाने के लिए मुंबई के केईएम अस्पताल में कोरोना वैक्सीन का ट्रायल शनिवार को शुरू हो गया है। । कोरोना वैक्सीन के ट्रायल के लिए केईएम को इथिक्स कमिटी का अप्रूवल मिल गया है। अस्पताल में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित वैक्सीन का ट्रायल 100 लोगों पर किया जाएगा।
अस्पताल के डीन डॉ हेमंत देशमुख ने कहा कि हमने अब तक 10 सहित 13 व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की है। शनिवार को इनमें से तीन को ऑक्सफोर्ड का पहला शॉट मिलेगा। इंडियन कॉउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित की गई वैक्सीन का ट्रायल करने के लिए देशभर से 10 मेडिकल संस्थानों का चयन किया गया है। इसमें बीएमसी के केईएम और नायर अस्पताल भी शामिल है।
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की गाइडलाइंस के अनुसार, हर वॉलंटियर का 1 करोड़ रुपये का बीमा किया गया है। अगर ट्रायल के दौरान किसी साइड इफेक्ट से मौत होती है तो परिवार को यह रकम मिलेगी। इसके अलावा वैक्सीन का कोई दुष्प्रभाव होने पर 50 लाख रुपये के मेडिकल इंश्योरेंस का भी प्रावधान है।










