
वैद्य -गणेश पाण्डेय
(अंतर्राष्ट्रीय. पारम्परिक नाड़ी वैद्य )
छत्तीसगढ़
यूरिक एसिड. या बढ़ा हुआ यूरिक एसिड. आज के गलत खानपान भागमभाग या भाग दौड़ की जिंदगी का ही दुष्परिणाम कह सकते हैं.
हमारे शरीर. में प्यूरिन के टूटने से. यूरिक एसिड बनता है. यह ब्लड के सहारे किडनी तक पहुंचता है. वैसे तो यूरिक एसिड यूरिन के रुप में शरीर के बाहर निकल जाता है. कभी कभी यह शरीर में ही रह जाता है. और इसकी मात्रा बढ़ने लगती है. इससे गठिया (gout ) नामक बीमारी की उत्पत्ति होती है जो दर्दनाक जोड़ो का कारण बनती है. जो यूरेट क्रिस्ट्रल को जमा करती है. यह खून एवं पेशाब को भी अम्लीय कर देती है. जोड़ो का दर्द या गठिया या गाठों में या शरीर के पोर पोर या जोड़ों में असहनीय दर्द ,सूजन ,आज कल जहां भी देखें ऐसे मरीजों की तादाद की लम्बी लिस्ट आम बात हो गई है.
–इसके आलावा हार्ट डिजीज. हायपरटेंशन ,किडनी स्टोन आदि भी बढ़े हुए यूरिक एसिड के. कारण देखने को मिलते हैं.
–हमे अक्सर यह पूछते रहते हैं कि -सर ! मेरा यूरिक एसिड बढ़ा हुआ रिपोर्ट में आया है. या मुझे गठिया है तो खानपान में क्या लेना चाहिए ?
सामान्य भोजन रखें. विटामिन सी. से भरपूर फलों का सेवन यूरिक एसिड कम करने में बेहद मददगार साबित होता है.
—मुंग की दाल. पालक और फूलगोभी जैसी सब्जियों में प्यूरिन की मात्रा अधिक होती है. ऐसा माना जाता था कि इनसे यूरिक एसिड बढ़ता है. लेकिन अब यह साबित हो गया है कि –यूरिक एसिड. बढ़ने के लिए पेड़ /पौधों के स्रोतों से प्राप्त प्यूरिन जिम्मेदार नहीं है. साथ ही फल. जूस शरीर में बढ़े हुए यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में मददगार है.
👉आइये. यूरिक एसिड को कम करने के लिए. या इससे उत्पन्न बिमारियों से छुटकारा पाने के लिए. कुछ
घरेलू उपाय. अपनाते है. जो कि बेहद ही प्रभावशाली है :-
1- रात सोते समय -2 चुटकी खड़ी /साबुत – अजवायन ,2चुटकी सेंधा नमक को गुनगुने जल की सहायता से निगलें.
—या —
2- रात सोते समय एक चुटकी अलसी बीज का पावडर गर्म पानी से लें.
–या —
3- सुबह खाली पेट -एक अखरोट की गिरी /बीज का सेवन करें.
टीप —
उपरोक्त कोई भी एक नुस्खा अपने सुविधानुसार प्रयोग करें. तीनो ही काफी असरदार है.
परहेज -ज्यादा प्रोटीन युक्त. गरिष्ठ .बासी भोजन. ज्यादा खट्टे दार फल आदि का सेवन न करें.










