डब्ल्यूएचओ के मुताबिक हार्ट डिजीज यानी दिल की बीमारी (Heart Disease) हर साल दुनियाभर में होने वाली मौतों का सबसे बड़ा कारण है। जिससे तकरीबन 1 करोड़ 80 लाख लोग अपनी जान गंवा देते हैं। दिल की बीमारी के लक्षण (Heart Disease Symptoms) शरीर में पहले से दिखने लगते हैं, जिन पर ध्यान देकर आप इस खतरे को टाल सकते हैं। दिल की बीमारियों को कार्डियोवैस्कुलर डिजीज यानी सीवीडी (Cardiovascular Disease) भी कहा जाता है। कुछ एहतियात और सावधानी बरतकर आप दिल की बीमारी से जान जाने का खतरा कम कर सकते हैं। इस आर्टिकल में हम इन जरूरी सावधानियों और हार्ट डिजीज के बारे में जानेंगे।
सबसे पहले हम जानते हैं कि दिल की बीमारियां कितने प्रकार की हो सकती हैं।
हार्ट डिजीज के प्रकार?
दिल की बीमारी कई तरह की हो सकती है, कुछ मुख्य प्रकार निम्नलिखित हैं। जैसे-
- एथेरोस्केलेरोसिस
- हार्ट एरिथिमिया
- कार्डियोमायोपैथी
- कॉन्जेनिटल हार्ट डिजीज
- कोरोनरी आर्टरी डिजीज
- हार्ट इंफेक्शन, आदि
दिल की बीमारी से बचाव करने वाली सावधानियां
- दिल की बीमारियों के लक्षणों को कंट्रोल करने के लिए आपको आहार में फैट और नमक की मात्रा कम रखनी चाहिए।
- आहार में फाइबर वाले फूड, चिया सीड्स, केला, बेरी, एवोकाडो, ताजे फल व सब्जियां, अनाज, लहसुन व दालचीनी को शामिल करना दिल के लिए फायदेमंद हो सकता है।
- बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने वाले फूड, पैक्ड व प्रोसेस्ड फूड, फ्राइड फूड, बटर आदि से दूरी बनाएं।
- एक्सरसाइज करने से आपका दिल मजबूत बनता है और आप ब्लड प्रेशर, खराब रक्त प्रवाह आदि दिल की बीमारी के कारणों से दूर रहते हैं। इसके साथ ही एक्सरसाइज व योगा से मानसिक स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है।
- आपको रोजाना 8 से 9 घंटे की नींद लेनी चाहिए।
- अत्यधिक चिंता या तनाव न लें।
- दिल की बीमारी के लक्षण दिखने पर डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाओं का सेवन नियमित रूप से करें।
यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। यह जानकारी किसी भी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है।










