कोरोना काल में चिंता दूर करने के लिए ये 4 फूड्स का करें सेवन

वर्तमान लाइफस्टाइल में चिंता का दवाब वैसे ही रहता है। ऊपर से कोरोना के रोजाना आते मामले देखकर खुद के लिए और परिवारवालों के स्वास्थ्य की चिंता होना स्वाभाविक है। अत्यधिक चिंता हमारे स्वास्थ्य के लिए बिल्कुल अच्छी नहीं है। इससे बचाव के लिए हमें जरूरी कदम तुरंत उठाने चाहिए। इसके लिए हम आपको कुछ फूड्स के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें अपनी डायट में शामिल करके आप चिंता से राहत पा सकते हैं। आइए इनके बारे में जानें।

1. हल्दी
हल्दी में करक्यूमिन नामक तत्व होता है, जो चिंता कम करने और दिमागी स्वास्थ्य को सुधारने में मददगार साबित हो सकता है। इस तत्व में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लामेटरी गुण होते हैं। Pubmed पर प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक यह गुण दिमाग की कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त होने से बचाने में कारगर पाए गए हैं। इसके अलावा करक्यूमिन ब्लड एंटीऑक्सीडेंट्स के स्तर को बढ़ाने में सहायक होता है, जो आमतौर पर चिंताग्रस्त व्यक्ति में कम पाया जाता है।

2. डार्क चॉकलेट
डार्क चॉकलेट का सेवन चिंता से राहत पाने में लाभदायक हो सकता है। इसमें भी एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो ब्रेन फंक्शन को बेहतर बनाते हैं। क्योंकि इसके सेवन से दिमाग में रक्त प्रवाह सुधरता है, जिससे चिंता बढ़ाने वाली स्थिति से उबरने में मदद मिल सकती है। डार्क चॉकलेट का सेवन सेरोटोनिन नामक न्यूरोट्रांसमीटर का स्तर बढ़ा सकता है, जो कि मूड को बेहतर बनाकर चिंता को कम कर सकता है।

3. योगर्ट
अगर आप चिंताग्रस्त हैं, तो योगर्ट को आहार में शामिल करना अच्छा विचार है। कुछ खास प्रकार की योगर्ट में मौजूद प्रोबायोटिक्स या हेल्दी बैक्टीरिया आपके मानसिक स्वास्थ्य को सुधारते हैं। एनसीबीआई पर प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक इसका सेवन करने से ब्रेन के नर्व टिश्यू को क्षतिग्रस्त करने वाले और चिंता बढ़ाने वाले फ्री-रेडिकल्स व न्यूरोटॉक्सिन्स को रोका जा सकता है। लेकिन ध्यान रखें कि सभी प्रकार के योगर्ट से यह लाभ नहीं मिलता है।

4. ग्रीन टी
ग्रीन टी में एक खास प्रकार का अमिनो एसिड होता है, जो दिमाग पर सकारात्मक प्रभाव डालता है और चिंता कम करने में मददगार होता है। एक शोध में यह पाया गया है कि यह अमिनो एसिड असामान्य धड़कन जैसे चिंता के लक्षण को सुधार सकता है। इसके साथ ही ग्रीन टी में ईजीसीजी नामक एंटीऑक्सीडेंट होता है। चूहों पर किए गए शोध में पता चला है कि यह दिमागी स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है।

यहां दी गई जानकारी किसी भी चिकित्सीय सलाह का विकल्प नहीं है। इनका इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह जरूर लें।

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