हर व्यक्ति सपना देखता है। कभी हमारे सपने अच्छे होते हैं, तो कभी डरावने। मगर सपने देखने पर हम सभी के मन में एक विचार जरूर आता है कि हम सपने क्यों देखते हैं या जो सपना हमने रात में देखा था वो अक्सर याद क्यों नहीं रहता। सपनों से जुड़ा एक और दिलचस्प सवाल लोगों के दिमाग में आ सकता है कि क्या नेत्रहीन व्यक्ति भी सपने देख सकते हैं? जी हां, सपनों की दुनिया बड़ी दिलचस्प होती है। जिसके बारे में हम इस आर्टिकल में बात करेंगे।
हम सपने क्यों देखते हैं?
हमारी नींद के कई चरण होते हैं, जिसमें से एक रैपिड आई मूवमेंट यानी आरईएम होता है। इस चरण में हमारी नींद सबसे गहरी होती है और सपने देखने की संभावना इसी में सबसे ज्यादा होती है। दुनिया में सपनों के कारण से जुड़ी कई साइंटिफिक थ्योरी मानी जाती है। एक थ्योरी के मुताबिक, नींद में होने के बावजूद हमारा दिमाग सक्रिय रहता है, मगर इस समय उसके लॉजिकल सेंटर से ज्यादा इमोशनल सेंटर कार्य करते हैं। इसलिए जीवन के जिन भावनात्मक विचारों और स्थितियों के बारे में हम जागते हुए नहीं ध्यान देते, वही विचार और स्थितियों से जुड़े सपने आपको सोते हुए आने लगते हैं।
इसके अलावा सपने के दौरान हमारे दिमाग का एमिग्डाला (Amygdala) सबसे ज्यादा सक्रिय होता है। यह क्षेत्र हमारे सर्वाइव करने की प्रतिक्रिया और किसी भी खतरे का जवाब देने में मदद करता है। एक मान्यता के मुताबिक हमारा एमिग्डाला जागने से ज्यादा सोते हुए सक्रिय होता है। दिमाग का यह क्षेत्र हमारे शरीर द्वारा किसी भी खतरे से बचने या निपटने के लिए प्रतिक्रिया करने में मदद करता है। मगर सौभाग्य से आरईएम स्लीप में हमारे दिमाग की ब्रेनस्टेम मसल्स को रिलैक्स होने के लिए सिग्नल भेजती है। जिस कारण आप सपने देखने के दौरान वास्तविकता में हाथ-पैर नहीं चलाते।
सपने देखने के पीछे हो सकती है क्रिएटिविटी
दरअसल, सपने देखने के पीछे हमारे दिमाग का क्रिएटिविटी के लिए जिम्मेदार हिस्सा भी हो सकता है। क्या आपने कभी सपने में ऐसा कोई गाना, पेंटिंग, मूवी स्क्रिप्ट, कविता लिखी है, जिनके बारे में पहले कहीं नहीं सुना, पढ़ा या देखा हो। जी, बस वो आपकी क्रिएटिव प्रवृत्ति के कारण होता है। कई आर्टिस्ट का कहना है कि उन्हें अपने मास्टरपीस की प्रेरणा सपने में मिली थी।
याद्दाश्त बढ़ाने के लिए आ सकते हैं सपने
सपनों के कारण हम महत्वपूर्ण चीजों को मजबूती से याद कर सकते हैं। शोध के मुताबिक, नींद लेने से हमें चीजों, जानकारियों व बातों को आसानी याद करने में मदद मिलती है। आप जिन बातों के बारे में सोते हुए सोचते हैं, उसे स्टोर करने के लिए हमारा दिमाग नींद में भी कार्य करता रहता है। जिससे जुड़े सपने हमें देखने को मिल सकते हैं। हालांकि सपने के कारण चीजों को याद करने में मदद के पीछे का स्पष्ट कारण नहीं मिल पाया है। आपको अब समझ आया कि हम सपने में वही क्यों देखते हैं, जिसके बारे में रात को सोच रहे होते हैं।
हम क्यों देखते हैं डरावने सपने?
जिन सपनों के देखने के बाद हम उदास हो जाते हैं या डर जाते हैं, उन्हें डरावने सपने या नाईटमेयर (Nightmares) कहा जाता है। यह हमारे भावों व यादों का सामना करने की दिमागी प्रतिक्रिया हो सकती है। डरावने या बुरे सपने तनाव, चिंता या कुछ दवाओं के सेवन के कारण आ सकते हैं। लेकिन अगर आपको डरावने या बुरे सपने ज्यादा आते रहते हैं, तो आपको स्लीपिंग डिसऑर्डर भी हो सकता है।
सपनों को कैसे याद रखा जा सकता है?
जब हम सपने देखते हैं, तो कुछ भी याद करने में मदद करने वाला ब्रेन कैमिकल नॉरपेनेफ्रिन और ब्रेन इलैक्ट्रिकल एक्टिविटी अपने सबसे कम स्तर पर सक्रिय होती हैं। इसलिए अपने सपने याद रहने की संभावना बहुत कम होती है। दूसरी थ्योरी यह है कि जिन सपनों के दौरान या तुरंत बाद हम जाग जाते हैं। उन सपनों के हमें याद रहने की संभावना ज्यादा होती है। इसके साथ ही आप सपने को याद रखने के लिए सोते हुए यह सोचें कि आपको सपने याद रखने हैं। अगर सोने से पहले यह आपका आखिरी विचार होगा तो संभावना है कि आप अपने सपनों को याद रख पाएं। इसके अलावा आप सुबह उठते ही बेड से उतरे बिना नींद में देखे हुए सपने को याद करें। ध्यान रखें कि जिन सपनों को देखते हुए आप जागते नहीं है या उनके काफी देर बाद जागते हैं, उन्हें याद करना मुश्किल होता है।
ये भी पढ़ें: मॉर्निंग में खाली पेट इस पानी को पीने से मिलेंगे 4 बेमिसाल फायदे, रेसिपी में चाहिए सिर्फ एक चीज
क्या नेत्रहीन लोग भी देख सकते हैं सपने?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, नेत्रहीन लोग भी सपने देख सकते हैं। हालांकि उनके सपने देखने का तरीका इस बात पर निर्भर कर सकता है कि उनकी आंखों की रोशनी कितनी गई हुई है और कब गई थी। अगर किसी व्यक्ति की आंखों की रोशनी 5 साल की उम्र या उसके बाद गई है, तो उनके हमारी तरह दृश्य युक्त सपने देखने की संभावना उतनी ज्यादा होती जाती है। वहीं, अगर पांच साल की उम्र से पहले या काफी समय पहले किसी व्यक्ति की आंखों की रोशनी गई है तो उसके सपने उतने ही दृश्यहीन हो सकते हैं। जो लोग बचपन से ही नेत्रहीन होते हैं या उनकी आंखों की रोशनी काफी समय पहले गई हुई होती है। वह सपनों में गंध, स्वाद, आवाज, स्पर्श आदि को महसूस करते हुए सपने देख सकते हैं।
यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं के आधार पर है। इसका हम दावा नहीं करते हैं।










