दान एवं जनसहयोग की प्रवृत्ति में विकास की काफी गुंजाइश

donationandpublicsupoort

ShravanCharya

डॉ श्रवण चार्या
संस्थापक मुख्य कार्यपालन अधिकारी,
सोशियोलैडर फाउंडेशन

प्रश्न : दान या जनसहयोग की अवधारणा का आप भारत में कैसा भविष्य देखते हैं?

श्रवण : दान की प्रवृत्ति सहानुभूति से भी उपज सकती है और एक जीवनचर्या के रूप में हो सकती है। हम दूसरे कारण को प्राथमिकता देते हैं। धर्मार्थ संस्थाएं भावना प्रधान होती हैं पर अक्सर इनके पास बजट नहीं होता। मार्केटिंग टूल्स एवं तकनीक के अभाव में वे दान दाताओं तक पहुंच नहीं पाते और इस तरह उनका काम दिखाई नहीं देता। लोगों में दान करने की इच्छा तो होती है पर विश्वसनीयता एवं पारदर्शिता के अभाव में इसका विकास नहीं हो पा रहा है। सोशियो लैडर इन सभी उपकरणों से लैस है और दानदाताओं के प्रति पूर्ण पारदर्शी भी है। भारत में इस प्रवृत्ति के विकास की काफी संभावनाएं हैं।

प्रश्न : कृपया यूएस एवं भारत में अपने कार्यक्रमों के बारे में कुछ बताएं।

श्रवण : सम्प्रति एसएल फाउंडेशन कोविड-19 रेस्पांस पर फोकस कर रहा है। हम शिक्षा ढांचे में गुणात्मक सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। इसके तहत अधोसंरचनात्मक सुधार किए जा रहे हैं। स्कूलों में साफ पानी, शौच की व्यवस्था करना इसमें शामिल है। कोविड-19 रेस्पांस के तहत लोगों के मानसिक-सामाजिक स्वस्थता सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है। कोविड के बाद जीवन पुन: पटरी पर आ सके इसके लिए भी यह बेहद जरूरी है।

प्रश्न : 2020 के लिए आपकी क्या योजना है?

श्रवण : सोशियो लैडर स्वेच्छासेवी संस्थाओं में दान प्राप्त करने एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा। हमारा लक्ष्य दान प्राप्त करने के खर्च को वर्तमान 45 फीसद से कम कर 10 फीसद पर लाना है। इसके लिए ब्लाकचेन तकनीक का उपयोग किया जाएगा। 2020 के दौरान हम अपने मंच पर धर्मार्थ संस्थाओं की संख्या को 100 तक बढ़ाने एवं कम के कम 500 प्रकल्प प्रारंभ करने का प्रयास कर रहे हैं। इनमें से आधे यूएस एवं ऑस्ट्रेलिया में होंगे। संयुक्त अरब अमीरात में हम दुबई नरेश द्वारा स्थापित दुबई केयर्स एवं अल जलीला के साथ काम कर रहे हैं।

प्रश्न : अपने कार्य को विस्तार देने की आपकी क्या योजना है?

श्रवण : सम्प्रति हम भारत, यूएस, यूएई एवं आस्ट्रेलिया में काम कर रहे हैं। दानदाता या धर्मार्थ पंजीयन किसी देश की सीमा में नहीं बंधे हुए होते। हमारा उपक्रम संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य के अनरूप काम करता है। इसके साथ ही हम विभिन्न देशों में वहां की नीतियों के अनुरूप स्वयं को ढालते हैं। हमसे जुड़ना बेहद आसान है। यूएन जीसीएनआई की साझेदारी से हम इस वर्ष तेजी से आगे बढ़ेंगे।

प्रश्न : कोविड-19 मरीजों की सेवा के लिए एसएल की क्या योजनाएं हैं?

श्रवण : संयुक्त राज्य अमीरात में हम जलीला फाउंडेशन एवं दुबई केयर्स के साथ मिलकर कोविड संक्रमितों के इलाज एवं बाधा रहित शिक्षा की दिशा में काम कर रहे हैं। भारत एवं यूएस में हम कोविड के प्रत्यक्ष या प्रत्यक्ष प्रभाव में आए लोगों को पूर्ण पारदर्शी  तरीके से आर्थिक सहायता प्रदान कर रहे हैं। इसके साथ ही उनकी नि:शुल्क मानसिक एवं सामाजिक काउंसलिंग की जा रही है। सोशियो लैडर के पूर्ण स्वचलित एवं पारदर्शी तंत्र से यह संभव है। यह तकनीक सोशियोलैडर की अपनी है। पारदर्शी के उच्चतम मानदण्डों के अनुरूप हम प्रत्येक लाभार्थी की पूरी सूची दानदाताओं को उपलब्ध कराते हैं, जो पूरी दुनिया में अपनी तरह का पहला मॉडल है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here