
Vaidya-Ganesh Pandey
(Chattisgarh)
गांव के भोजन में भाजी का मुख्य स्थान होता है. लेकिन अब शहरों में भी भाजी के महत्व को समझते हुए अपने भोजन में सम्मलित करने लगे हैं. खास कर कोरोना काल में |
— छत्तीसगढ़ की भाजी -कोरोना से लड़ने में सक्षम और बढ़ाती है रोग प्रतिरोधक क्षमता.
—चेच. चरोटा. कुसुम. भथुआ. पोई. राजगीर. चौलाई जैसी प्रमुख भाजी रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाये रखने में अधिक कारगर है.
–ताजा रिसर्च में यह बात सामने आया है कि -इन भाजियों में कोरोना से लड़ने की भरपूर क्षमता है. रोग प्रतिरोधक क्षमता को दुरुस्त रखने के लिए इन भाजियों में पर्याप्त मात्रा में आयरन. कार्बोहाइड्रेट. फाइबर. और प्रोटीन मिलता है.
—औषधीय गुणों के कारण -चरोटा की मांग चीन. मलेशिया. और ताईवान में काफी है.
—प्रारम्भिक रिसर्च में यह पता चला है कि -चौलाई. राजगीर. पोइ. भथुआ. कुसुम. चरोटा. चेंच. करमत्ता. और सुनसुनिया जैसी प्रमुख भाजी रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाये रखने में अधिक कारगर है. एंटी ऑक्सीडेंट गुण के आधार पर भी स्पष्ट है कि कैंसर जैसी बिमारियों को मात देने के साथ कोरोना से लड़ने में ये सक्षम है.
—चरोटा भाजी का वैज्ञानिक नाम केशीय टोरा है. चरोटा को हर्बल प्रोडक्ट. चर्म रोग के लिए मलहम. फंगस व् वात रोग की दवा बनाने. में किया जाता है.
अन्य भाजियां सर्दी. खांसी. सूजन. पेचिस. कब्ज. पेट दर्द. ब्लड प्रेशर. शुगर एवं अन्य बिमारियों से बचाने में कारगर है.










