कोरोना वायरस की दूसरी लहर (Coronavirus second wave) में बहुत बड़ी संख्या में बच्चे भी इस इंफेक्शन से संक्रमित हो रहे हैं. ऐसे में पेरेंट्स का परेशान होना लाजिमी है और उनके मन में बच्चों में होने वाले संक्रमण को लेकर कई तरह के सवाल भी उठते होंगे, जैसे अगर बच्चे को होम आइसोलेशन में रखने पर कैसे ध्यान रखा जाए उसको कैसे मानसिक रूप से फिट रखा जाए आदि-आदि.. इस रिपोर्ट में हम आपको इन्हीं सवालों के जबाव देने की कोशिश करेंगे।
बच्चे के कोरोना पॉजीटिव आने पर, उसे घर में एक अकेले कमरे में आइसोलेट करना बहुत मुश्किल होता है. समय पर लक्षणों की पहचान कर सही इलाज से परिस्थिति को काबू में किया जा सकता है. अगर बच्चा कोविड पॉजिटिव है और चिकित्सक की सलाह पर होम आइसोलेशन में है तो कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है.
सबसे पहले लक्षणों को पहचाने
खांसी, कफ जमना, बुखार या कमजोरी होने पर आप सतर्क हो जाएं. बच्चों में इस तरह के लक्षण दिखने पर पेरेंट्स इसे नॉर्मल फ्लू या वायरस इंफेक्शन समझने की भूल कर बैठते हैं. पेट खराब होने या दस्त की शिकायत भी हो सकती है. सांस लेने में दिक्कत, बच्चे के हाथ-पैर में सूजन आ जाए, चेहरा नीला पड़ना, चिड़चिड़ापन दिखना या पहले की अपेक्षा ज्यादा सोना आदि लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
कैसे करें बच्चों को आइसोलेट?
बड़े बच्चों और टीएनजर्स अकेले कमरे में क्वारंटीन हो सकते हैं. छोटे बच्चे अकेले नहीं रह सकते और न ही वो खुद को संभाल सकते हैं, खासकर मां के बिना. इसलिए उन्हें एक कमरे में अकेले नहीं छोड़ना सही नहीं होता है. बच्चे को अकेलेपन का अहसास बिलकुल न होने दें।
अगर बच्चे के अलावा भी घर पर कोई और कोविड पॉजिटिव है तो वह एक साथ एक कमरे में क्वारंटीन हो सकते हैं. कोविड नियमों का पालन करते हुए उससे कुछ दूरी बनाकर एक ही कमरे में रह सकते हैं. कमरा हवादार होना चाहिए. बच्चे को भी बार-बार हाथ धोने की आदत डलवाएं. बच्चे को गुनगुने पानी से गरारा करने के लिए प्रेरित करें. बच्चे के खिलौने अच्छे से धोएं या सैनिटाइज करें. फर्श और कमरे का हर वह हिस्सा, जिसे बच्चा छूता है, उसे साफ करते रहें.
ऐसी रखें डाइट
बच्चों को गुनगुना पानी दें. रात में सोने से पहले हल्दी वाला दूध दें. फल, सब्जियां और दालें प्रचुर मात्रा में दें. खासकर खट्टे फल खाने के लिए ज्यादा दें. इलेक्ट्राल, ओरआरएस, नारियल पानी आदि के जरिए बच्चे की शरीर को हाइड्रेटेड रखें.
बच्चे को न छोड़े अकेला, एहितयात जरूरी
अगर आपका बच्चा पॉजीटिव है, तो आप उससे कुछ दूरी बनाकर रखें ताकि इंफेक्शन न फैले. संक्रमण फैलने से बचने के लिए आप डबल मास्क भी लगा सकते है. बच्चे को एहसास होते रहना चाहिए कि आप उसके साथ हो. हालांकि, संक्रमित बच्चे को दादा-दादी और घर में मौजूद किसी बीमार व्यक्ति से दूर ही रखना चाहिए. कमरे में हैं तो वेंटिलेशन का ध्यान रखें और कमरा हवादार होना चाहिए.
नापें सांस लेने की दर
दो महीने से एक साल तक के बच्चों में सांस लेने की दर प्रति मिनट 50 से अधिक नहीं होनी चाहिए. दो महीने से कम उम्र के बच्चे को संक्रमण होने पर सांस लेने की दर प्रति मिनट 60 से अधिक नहीं होनी चाहिए. वहीं 1 से 5 साल तक के उम्र के बच्चों में ये दर प्रति मिनट 40 से अधिक नहीं होनी चाहिए. पांच साल से ऊपर का बच्चा है तो ये दर प्रति मिनट 30 से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. इसके लिए पल्स आक्सीमीटर का प्रयोग भी कर सकते हैं. अगर बच्चे की हाथ की अंगुलियां बहुत पतली हैं तो हाथ या पैर के अंगूठे का प्रयोग भी कर सकते हैं.
मां का दूध पीने वाले बच्चों के लिए सलाह
नवजात मास्क नहीं पहन सकता लेकिन मां तो मास्क पहन सकती है. अपने हाथों को अच्छे से धोएं, अपने सीने को धोने के बाद ही बच्चे को दूध पिलाएं. बच्चे को जिस भी बिस्तर पर लिटा रहे, वो साफ सुथरा होना चाहिए. ध्यान रहे बच्चा, धूल के संपर्क में बिल्कुल न आए. बच्चे का ध्यान एक ही व्यक्ति रखे, वह मां हो तो बेहतर है, नहीं तो कोई स्वस्थ व्यक्ति ही बच्चे का सारा काम करे. अगर बच्चे की मां कोविड पॉजिटिव है तो मां को बच्चे से अलग ही रखना बेहतर होगा.
बच्चे को शांत कैसे करें
बच्चे इस तरह की स्थिति के लिए तैयार नहीं होता है. ऐसे में आप जल्दी रिकवर करने के लिए अपने बच्चे की मदद करें. इसके लिए कमरे और घर का वातावरण शांत और आरामदायक रखें और उसके आसपास उसकी पसंद के खिलौने, किताबें और प्ले सेट रखें. बच्चे से बातें करें, उन्हें अच्छी बातें याद दिलाएं, या उनके साथ गेम या क्विज खेल सकते हैं. बच्चे को इंफेक्शन के बारे में बताएं और ध्यान रहे कि बच्चों के सामने नेगेटिव शब्दों का इस्तेमाल न करें।
पेरेंट्स कोविड पॉजिटिव हों तो बच्चे का ध्यान कैसे रखें?
जब घर में सिर्फ माता-पिता और बच्चा ही है तो ऐसे में आइसोलेशन मुश्किल होगा इसलिए छोटे बच्चे को मां के पास रख सकते हैं. पेरेंट्स को हर वक्त मास्क पहनना चाहिए (Wear mask) और जरूर सावधानी रखनी चाहिए।










