सुबह के नाश्ते में जरूरी है फाइबर्स का होना, बोतल बंद जूस से बचें

सुबह का नाश्ता दिन का सबसे महत्वपूर्ण भोजन है। रात भर के विश्राम के बाद शरीर एक बार चयापचय के लिए फिर से पूरी तरह तैयार रहता है। इसलिए नाश्ता अच्छा होना चाहिए। इसमें रोटी, सब्जियां, सलाद और फलों को शामिल करना चाहिए। बोतल बंद जूस और फास्टफूड का नाश्ते के लिए उपयोग नहीं करना चाहिए।

यह कहना है कि हाइटेक सुपरस्पेशालिटी हॉस्पिटल की डायटिशिय़न प्रथा भट्ट का। उन्होंने बताया कि अकसर हम पत्र-पत्रिकाओं से भोजन के टिप्स लेते हैं। ब्रेड, बटर और जूस के रंगीन चित्र हमें भ्रमित करते हैं। नाश्ता बनाने के झंझट से बचने के लिए हम ब्रेड और जूस सुपर मार्केट से खरीद कर ले आते हैं। दरअसल खर्च करने के बाद भी यह भोजन हमें फायदा कम और नुकसान ज्यादा पहुंचाता है।

प्रथा ने बताया कि बाजार में मिलने वाले बोतल बंद जूस में अतिरिक्त चीनी होती है। इसमें फाइबर कंटेन्ट बहुत कम होता है। अतिरिक्त चीनी ब्लड शुगर को बढ़ाती है और तत्काल एनर्जी देती है। कुछ ही समय में उसका असर खत्म हो जाता है और हमें थके-थके से लगते हैं। बेहतर हो कि नाश्ते में फ्रूट जूस के बजाय सीधे फलों का सेवन किया जाए।

नाश्ते में केक-पेस्ट्री जैसी चीजों को भी शामिल नहीं करना चाहिए। इसमें भी रिफाइन्ड शुगर होता है। यही नहीं आटे का जो स्वरूप इसमें उपयोग में लाया जाता है उसमें विटामिन्स, पोषक तत्व और फाइबर न के बराबर रह जाते हैं। नाश्ते में होलग्रेन से बनी चीजों का सेवन करना अच्छा रहता है। फाइबर कंटेन्ट के कारण भोजन धीरे-धीरे पचता है और लंबे समय तक व्यक्ति को ऊर्जावान बनाए रखता है।

कुछ लोगों का मानना होता है कि सुबह-सुबह काफी पीने से व्यक्ति तरोताजा हो जाता है और उसका दिन अच्छा हो जाता है। यह भी एक मिथक है। सुबह खाली पेट में काफी पीना आगे चलकर अनेक परेशानियों को जन्म दे सकता है। कॉफी ज्यादा पीने से छटपटाहट, घबराहट, धड़कनों का तेज होना जैसी समस्या हो सकती है।

प्रथा ने बताया कि सुबह के नाश्ते में रोटी, होल व्हीट ब्रेड, अंडे, उबली हुई सब्जियां सबसे अच्छी होती है। इससे पोषक तत्वों का संतुलन बना रहता है और ऊर्जा का स्तर ज्यादा समय तक बना रहता है। यह वजन को संतुलित रखने में मदद करता है और इस तरह अधिक वजन से जुड़ी बीमारियों से बचाव भी करता है

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