नई दिल्ली। इस वक्त भारत कोरोना वायरस की दूसरी लहर से जूझ रहा है। इससे पहले जहां कई लोग वैक्सीन नहीं लगवाना चाह रहे थे, वहीं अब वैक्सीनेशन सेंटर्स पर स्लॉट मिलना मुश्किल हो गया है। इस वक्त भारत में करोड़ों लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। हालांकि, अब भी ऐसे कई लोग हैं जो वैक्सीन के साइड-इफेक्ट्स के डरे हुए हैं। जबकि मेडिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि आमतौर पर सभी वैक्सीन के साइड-इफेक्ट्स होते हैं, और ये सभी सेहत के लिए बुरे नहीं हैं। वैक्सीन लगने के बाद कुछ साइड-इफेक्ट का अनुभव होता है, जिसका मतलब होता है कि आपका इम्यून सिस्टम वायरस से लड़ने के लिए तैयार हो रहा है।
कैसे हैं वैक्सीनेशन के साइड-इफेक्ट्स?
किसी भी वैक्सीनेशन को लगवाने के बाद कई लोग साइड-इफेक्ट्स का अनुभव करते हैं और कई नहीं भी करते हैं। ये साइड-इफेक्ट्स हल्के या हल्के से थोड़े ज़्यादा हो सकते हैं, जो 2-3 दिनों में अपने आप ठीक भी हो जाते हैं। हमें ये समझने की ज़रूरत है कि ज़्यादातर साइड-इफेक्ट्स का मतलब ये होता है कि हमारा इम्यून सिस्टम वायरस के खिलाफ प्रतिक्रिया दे रहा है और भविष्य में हमारे शरीर को कोविड संक्रमण को पहचानने और उससे लड़ने में मदद मिलेगी।
ये वैक्सीन के आम साइड-इफेक्ट्स
कोविड जैसे लक्षण: वैक्सीन लगने पर शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली बन रहे स्पाइक प्रोटीन की पहचान एक ख़तरे के तौर पर कर लेती है और इनसे लड़ने के लिए शुरू हो जाती हैं। शरीर में प्राकृतिक प्रतिक्रिया शूरू होने की वजह से व्यक्ति को साइ-इफेक्ट्स अनुभव होते हैं, इसलिए इनसे ज़्यादा परेशान होने की ज़रूरत नहीं है। कंपकपी या दर्द अनुभव होने का मतलब ये है कि वैक्सीन आपके शरीर को वायरस को पहचानने और उससे लड़ने की ट्रेनिंग दे रही है।
बुखार: वैक्सीन लगने के कुछ घंटों बाद या फिर अगले दिन आपको बुखार आ सकता है, हालांकि इससे परेशान न हों और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा से इसका इलाज कर सकते हैं। ये बुखार अगले दिन तक उतर जाता है।
हाथ में दर्द: हाथ पर जिस जगह इंजेक्शन लगा होता है, कई लोग उस जगह दर्द महसूस करते हैं। कई बार हाथ की त्वचा लाल भी हो जाती है। ये दर्द एक-दो दिन में अपने आप ठीक हो जाता है।
बदन दर्द: मांसपेशियों और जोड़ों में कम तीव्रता वाला दर्द एक आम प्रतिक्रिया है, जो वैक्सीन के शरीर में जाने से उत्पन्न होती है।
सिर दर्द: भारत और विदेशों में लग रहे टीकों में सिरदर्द भी दूसरा सबसे अधिक दर्ज करवाने वाला लक्षण बन गया है। सिर दर्द का मतलब भी यही है कि शरीर वायरस के खिलाफ तैयार हो रहा है।
थकान: वैक्सीन शॉट लगने के बाद भी थकान या थकावट का सामना करना पड़ सकता है, इसका मतलब यह भी हो सकता है कि शरीर वायरस से बचाव कर रहा है। महामारी के इस समय थकावट भी एक बेहद आम लक्षण बन गया है। जो लोग कोविड-19 से संक्रमित होते हैं, वे अक्सर लंबे समय तक, थकावट के शिकार रहते हैं।
इन साइड-इफेक्ट्स पर दें ध्यान
वैक्सीन लगने के बाद कई तरह के साइड-इफेक्ट्स का अनुभव हो सकता है, लेकिन एक ऐसे भी लक्षण हैं, जिन्हें गलती से भी नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए। वो साइड-इफेक्ट है रैशेज़ यानी चकत्ते। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, त्वचा पर चकत्ते या लाल होना वैक्सीन का सबसे आम साइड-इफेक्ट ज़रूर है, लेकिन इसे दिखने में कई बार एक हफ्ते से ज़्यादा का समय भी लगता है। चकत्ते उन लोगों में ज़्यादा आम होते हैं, जो किसी तरह की एलर्जी से जूझ रहे हों, या जिनकी त्वचा नाज़ुक होती है। हालांकि, आपको जैसे ही चकत्ते नज़र आएं, फौरन डॉक्टर को दिखाएं। इसके अलावा सूजन, ब्लीडिंग, बेहोशी में बोलना या फिर बेहोश हो जाने को भी नज़रअंदाज़ न करें और तुरंत मेडिकल एक्सपर्ट से संपर्क करें।










