सेप्टिक गठिया क्या है?

नई दिल्ली। आजकल बदलते लाइफस्टाइल के कारण लोग गठिया रोग के शिकार हो रहे हैं. इन्हीं में से एक सेप्टिक गठिया, जो किसी संक्रमण की तरह ही फैलता है. यह ज्यादातर उन लोगों में होता है, जिन्हें कोई चोट लगी हो या सर्जरी कराई हो या इंजेक्शन लगवाया हो, क्योंकि इन सभी के माध्यम से ही संक्रमण जोड़ों में फैलता है, इसलिए इसे संक्रामक गठिया भी कहा जाता है।

सेप्टिक गठिया के लक्षण और उपचार 

बता दें कि सभी आयु वर्ग में सेप्टिक गठिया के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं और कुछ लक्षण एक जैसे भी हो सकते हैं, लेकिन इस बीमारी के सभी सामान्य लक्षणों में जोड़ों में सूजन, दर्द, जोड़ों पर लालिमा, बुखार, ठंड महसूस करना आदि शामिल है.

इसके अन्य लक्षणों में अधिक कमजोरी महसूस करना, गैस एसिडिटी की समस्या और त्वचा पर झुर्रियां आदि शामिल हैं. सेप्टिक गठिया में कंधे, घुटना, कलाई, कोहनी, कमर आदि अंग प्रभावित होते हैं. इस इन्फेक्शन के संपर्क में आने पर व्यक्ति कुछ ही समय बाद इन लक्षणों को महसूस करने लगता है.

सेप्टिक गठिया रोग संक्रमण की वजह से फैलता है जबकि ‘एक्यूट आर्थराइटिस डिजीज’ तब विकसित हो सकता है जब बैक्टीरिया या अन्य रोग पैदा करने वाले सूक्ष्म जीव खून के माध्यम से जोड़ों में फैल जाते हैं या जब जोड़ सीधे किसी चोट या सर्जरी के माध्यम से सूक्ष्मजीव से संक्रमित हो जाते हैं.

सेप्टिक गठिया इंफेक्शन के कारण होता है. जब इंफेक्शन दूर हो जाता है तो यह स्थिति ठीक हो जाती है, लेकिन इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए, अन्यथा जोड़ों में दर्द की समस्या बढ़ सकती है. सेप्टिक गठिया को ठीक होने में एक सप्ताह का समय लग सकता है. इस इन्फेक्शन को दूर करने के लिए डॉक्टर रोगी को कुछ एंटीबायोटिक दवाएं दे सकते हैं.

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